Gopaldas "Neeraj"

Gopaldas "Neeraj"

all poems and poetry of Gopaldas "Neeraj" in Hindi.
Gopaldas "Neeraj"

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सुन्दरता ख़ुद से ही शरमा जाए यदि वाणी भी मिल जाए दर्पण को ! खुबसूरत है हर फूल मगर उसका कब मोल चुका पाया है...
Gopaldas "Neeraj"

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ओ प्यासे अधरोंवाली ! इतनी प्यास जगा बिन जल बरसाए यह घनश्याम न जा पाए ! गरजी-बरसीं सौ बार घटाएँ धरती पर गूँजी मल्हार की तान गली-चौराहों...
Gopaldas "Neeraj"

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दर्द दिया है, अश्रु स्नेह है, बाती बैरिन श्वास है, जल-जलकर बुझ जाऊँ, मेरा बस इतना इतिहास है ! मैं ज्वाला का ज्योति-काव्य चिनगारी जिसकी भाषा, ...