Gopaldas "Neeraj"

Gopaldas "Neeraj"

all poems and poetry of Gopaldas "Neeraj" in Hindi.
Gopaldas "Neeraj"

0 40
मेरा कितना पागलपन था! मादक मधु-मदिरा के प्याले जाने कितने ही पी डाले पर ठुकराया उस प्याले को, जिससे था मधु पीना सीखा। मेरा...
Gopaldas "Neeraj"

0 27
मैं क्यों प्यार किया करता हूँ? सर्वस देकर मौन रुदन का क्यों व्यापार किया करता हूँ? भूल सकूँ जग की दुर्घातें उसकी स्मृति में...
Gopaldas "Neeraj"

0 45
प्यार तो करना बहुत आसान प्रेयसि! अन्त तक उसका निभाना ही कठिन है। है बहुत आसान ठुकराना किसी को, है न मुश्किल भूल भी...
Gopaldas "Neeraj"

0 16
तुम गए चितचोर! स्वप्न-सज्जित प्यार मेरा कल्पना का तार मेरा एक क्षण में मधुर निष्ठुर तुम गए झकझोर। तुम गए चितचोर! हाय! जाना ही...
Gopaldas "Neeraj"

0 54
हार न अपनी मानूँगा मैं! चाहे पथ में शूल बिछाओ, चाहे ज्वालामुखी बसाओ, किन्तु मुझे अब जाना ही है- तलवारों की धारों पर भी...
Gopaldas "Neeraj"

0 19
तब किसी की याद आती! पेट का धन्धा खत्म कर लौटता हूँ साँझ को घर बन्द घर पर, बन्द ताले पर थकी जब आँख...