Poetries 4rm Greats

Poetries 4rm Greats

hindi Poetries and poems, poetry by Indians, top Indian Poetry and poems
Makhanlal Chaturvedi

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चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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बैठ लें कुछ देर, आओ,एक पथ के पथिक-से प्रिय, अंत और अनन्त के, तम-गहन-जीवन घेर। मौन मधु हो जाए भाषा मूकता की आड़ में, ...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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तुम्हें खोजता था मैं, पा नहीं सका, हवा बन बहीं तुम, जब मैं थका, रुका । मुझे भर लिया तुमने गोद में, कितने चुम्बन दिये, ...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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भर देते हो बार-बार, प्रिय, करुणा की किरणों से क्षुब्ध हृदय को पुलकित कर देते हो । मेरे अन्तर में आते हो, देव, निरन्तर, ...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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वह तोड़ती पत्थर; देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर- वह तोड़ती पत्थर। कोई न छायादार पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार; श्याम तन,...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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स्नेह-निर्झर बह गया है ! रेत ज्यों तन रह गया है । आम की यह डाल जो सूखी दिखी, कह रही है-"अब यहाँ पिक या...