Poetries 4rm Greats

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hindi Poetries and poems, poetry by Indians, top Indian Poetry and poems
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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भारति, जय, विजय करे कनक-शस्य-कमल धरे! लंका पदतल-शतदल गर्जितोर्मि सागर-जल धोता शुचि चरण-युगल स्तव कर बहु अर्थ भरे! तरु-तण वन-लता-वसन अंचल में खचित सुमन ...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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गहन है यह अंधकारा; स्वार्थ के अवगुंठनों से हुआ है लुंठन हमारा। खड़ी है दीवार जड़ की घेरकर, बोलते है लोग ज्यों मुँह फेरकर इस...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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कुछ न हुआ, न हो मुझे विश्व का सुख, श्री, यदि केवल पास तुम रहो!मेरे नभ के बादल यदि न कटे- चन्द्र रह गया ढका,तिमिर रात...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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अभी न होगा मेरा अन्त अभी-अभी ही तो आया है मेरे वन में मृदुल वसन्त- अभी न होगा मेरा अन्त ...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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वर दे, वीणावादिनि वर दे ! प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव         भारत में भर दे ! काट अंध-उर के बंधन-स्तर बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर; कलुष-भेद-तम हर प्रकाश...
Suryakant Tripathi 'Nirala'

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नहीं मालूम क्यों यहाँ आया ठोकरें खाते हु‌ए दिन बीते । उठा तो पर न सँभलने पाया गिरा व रह गया आँसू पीते । ताब...