Meerabai Poems

Meerabai Poems

All Poems of Meerabai in Hindi. .."बसौ मोरे नैनन में नंदलाल।"
mirabai poems in hindi

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Payo ji maine Ram ratan dhan payo - 3 Vastu amolik di mere sataguru Kirapa kari apanayo Payo ji maine Ram ratan dhan payo Janam janam ki punji payi Jag mein...
mirabai poems in hindi

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या ब्रज में कछु देख्यो री टोना। लै मटुकी सिर चली गुजरिया, आगे मिले बाबा नंदजी के छोना। दधि को नाम बिसरि गयो प्यारी, लैलेहु री कोई स्याम...
Meerabai poems in hindi

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भज मन चरण-कंवल अबिनासी। जेताइ दीसै धरण-गगन बिच, तेताइ सब उठ जासी। इस देही का गरब न करणा, माटी में मिल जासी। यो संसार चहर की बाजी,...
Meerabai kavitayen in hindi

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मेरे तो गिरिधर गोपाल दूसरौ न कोई। जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।। छांड़ि दई कुल की कानि कहा करै कोई। संतन ढिग बैठि बैठि लोक...
Meerabai kavitayen in hindi

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नहिं ऐसो जनम बारंबार। का जानू कछु पुण्य प्रगटे, मानुसा अवतार। बढ़त पल पल, घटत छिन छिन, जात न लागै बार। बिरछ के ज्यों पात टूटे, बहुरि...
mirabai poems in hindi

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बसौ मोरे नैनन में नंदलाल। मोहनि मूरति, सांवरी सूरति, नैना बने बिसाल। मोर मुकुट, मकराकृत कुंडल, अस्र्ण तिलक दिये भाल। अधर सुधारस मुरली राजति, उर बैजंती माल। छुद्र...