VIRTUOUS WORDS

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Meerabai kavitayen in hindi

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नहिं ऐसो जनम बारंबार। का जानू कछु पुण्य प्रगटे, मानुसा अवतार। बढ़त पल पल, घटत छिन छिन, जात न लागै बार। बिरछ के ज्यों पात टूटे, बहुरि...
mirabai poems in hindi

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बसौ मोरे नैनन में नंदलाल। मोहनि मूरति, सांवरी सूरति, नैना बने बिसाल। मोर मुकुट, मकराकृत कुंडल, अस्र्ण तिलक दिये भाल। अधर सुधारस मुरली राजति, उर बैजंती माल। छुद्र...
Meerabai kavitayen in hindi

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1. पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे। मैं तो मेरे नारायण की आपहि हो गई दासी रे। लोग कहै मीरा भई बावरी न्यात कहै कुलनासी रे॥ विष का...
meerabai ki kritiyan

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1. छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ। ताके संग सीधारतां हे, भला न कहसी कोइ। वर हीणों आपणों भलो हे, कोढी कुष्टि कोइ। जाके संग...
Meerabai poems in hindi

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1. स्याम! मने चाकर राखो जी गिरधारी लाला! चाकर राखो जी। चाकर रहसूं बाग लगासूं नित उठ दरसण पासूं। ब्रिंदाबन की कुंजगलिन में तेरी लीला गासूं।। चाकरी में दरसण...
Meerabai kavitayen in hindi

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1. कालोकी रेन बिहारी। महाराज कोण बिलमायो॥ध्रु०॥ काल गया ज्यां जाहो बिहारी। अही तोही कौन बुलायो॥१॥ कोनकी दासी काजल सार्यो। कोन तने रंग रमायो॥२॥ कंसकी दासी काजल सार्यो।...